बाबा
बाबा, तुम अक्सर कहते हो कुछ न कर पाए हमारे लिए कुछ न दे पाए अपने बच्चों को सारा जीवन औरों को दे दिया बाबा,तुम अक्सर अपने ख़यालों में अकेले-उदास …
बाबा Read More
बाबा, तुम अक्सर कहते हो कुछ न कर पाए हमारे लिए कुछ न दे पाए अपने बच्चों को सारा जीवन औरों को दे दिया बाबा,तुम अक्सर अपने ख़यालों में अकेले-उदास …
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भाग – II मैं उसे नहीं जानतीफिर भी ऐसा हैकि मैं उसे ही जानतीकिसी और को नहीं जानती एक नन्हीं बच्ची या बच्चा जब जन्म लेता है तो उसके लिए …
माँ Read More
जीवन-मरण, ज्ञात-अज्ञात की प्रार्थना का कवि ‘तुम सुबह की पहली किरण/मैं नम दूब पर ओस का कण/मिलन पर सुनश्चित है/मेरा तिरोहित हो जाना/ फिर भी मिलन की इतनी आस क्यों …
शीतल जल कब इस ज्वाला को बुझायेगा… Read More