इतने दल, इतने नेता पर….

इतने दल, इतने नेता पर उन्नति का अभियान रुका है,गुमसुम हैं आकाश-दिशाएँ, फिर भी क्यों तूफ़ान रुका है? (1)गया नहीं क्यों तम जीवन सेदूर अभी भी सुख निर्धन सेभारत की …

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