शिक्षा, व्यवसाय और मानवीयता
निजी विद्यालय में फ़ीस को लेकर जितनी मारा-मारी है, उतने ही कठोर नियम हैं फ़ीस नियमित जमा करने के भी। ये विद्यालय अच्छी तरह जानते हैं कि फ़ीस कैसे वसूल …
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निजी विद्यालय में फ़ीस को लेकर जितनी मारा-मारी है, उतने ही कठोर नियम हैं फ़ीस नियमित जमा करने के भी। ये विद्यालय अच्छी तरह जानते हैं कि फ़ीस कैसे वसूल …
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बाबा, तुम अक्सर कहते हो कुछ न कर पाए हमारे लिए कुछ न दे पाए अपने बच्चों को सारा जीवन औरों को दे दिया बाबा,तुम अक्सर अपने ख़यालों में अकेले-उदास …
बाबा Read More
भाग – II मैं उसे नहीं जानतीफिर भी ऐसा हैकि मैं उसे ही जानतीकिसी और को नहीं जानती एक नन्हीं बच्ची या बच्चा जब जन्म लेता है तो उसके लिए …
माँ Read More
भाग – 1 माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें संसार की सारी शक्तियाँ समाहित हैं। आम तौर पर ऐसा कहा जाता है। अगर कहा जाता है तो ज़रूर इसके अपने …
माँ Read More
जीवन-मरण, ज्ञात-अज्ञात की प्रार्थना का कवि ‘तुम सुबह की पहली किरण/मैं नम दूब पर ओस का कण/मिलन पर सुनश्चित है/मेरा तिरोहित हो जाना/ फिर भी मिलन की इतनी आस क्यों …
शीतल जल कब इस ज्वाला को बुझायेगा… Read More