तुम गुरु सखी हो
तुम गुरु भी हो, तुम सखी भी,ज्ञान की ज्योति, प्रीत की रीति भी।तुम हो ध्यान, तुम हो धारा,तुम हो जीवन की, मधुर रागिनी। तुमने पढ़ाया सिर्फ पन्ने नहीं,जीवन के अनुभव, …
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तुम गुरु भी हो, तुम सखी भी,ज्ञान की ज्योति, प्रीत की रीति भी।तुम हो ध्यान, तुम हो धारा,तुम हो जीवन की, मधुर रागिनी। तुमने पढ़ाया सिर्फ पन्ने नहीं,जीवन के अनुभव, …
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संवाद : भाग एक (संवाद श्रृंखला में चित्रलेखा आज एक माँ-बेटी के बीच की बातचीत ले कर आये हैं। ऐसे संवाद का हम स्वागत करते हैं, जिनमें सामाजिक मूल्यों और …
माँ के सवाल, बेटी के जवाब Read More
भाग – II मैं उसे नहीं जानतीफिर भी ऐसा हैकि मैं उसे ही जानतीकिसी और को नहीं जानती एक नन्हीं बच्ची या बच्चा जब जन्म लेता है तो उसके लिए …
माँ Read More
भाग – 1 माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें संसार की सारी शक्तियाँ समाहित हैं। आम तौर पर ऐसा कहा जाता है। अगर कहा जाता है तो ज़रूर इसके अपने …
माँ Read More
‘मैं’,मैं सिर्फ ‘एक’ नहीं हूँ,मेरी संख्या ‘करडो’ में हैं!और, आप…..आपकी संख्या सिर्फ “543”;गिनना शुरू करो तो, ऊंगलियों पे खतम!😊आपका ‘आसान’ हो या ‘आस्थान’ कितना भी ऊंचा हो…..आपको लौटना है मेरे …
मैं सीर्फ एक नहीं हूँ Read More