प्रेम, त्योहार ,बच्चे और नया वर्ष
वर्ष 2025 जा रहा है। और एक नया साल 2026 आ रहा है। कैसे करेंगे हम सब स्वागत इसका? प्रेम से या फिर नफ़रत से? हम अपने बच्चों को क्या …
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वर्ष 2025 जा रहा है। और एक नया साल 2026 आ रहा है। कैसे करेंगे हम सब स्वागत इसका? प्रेम से या फिर नफ़रत से? हम अपने बच्चों को क्या …
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दरख़्तों की एक अजीब कैफ़ियत होती है। वे बे-इंतिहा मोहब्बत करना जानते हैं । कही नहीं अनकही को भी सुन लेते हैं। 19 नवंबर 2025 एक बेचैन सुबह थी। उस …
सच्चिदानंद सिन्हा : अभूतपूर्व जीवन यात्रा (दरख़्तों के बहाने ) Read More
Original Writing : Avijit Pathak ll Hindi Translation : Shephali अंधेरे समय का यह दौर। जब विषाक्त और साधनवादी राजनीति हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गई हैं। सूचना प्रदूषण का …
यात्रा का संदर्भ Read More
पृथ्वी इतनी सुंदर क्यों है आज भी? प्रश्न बहुत साधारण है। इस सुंदरता का अर्थ सिर्फ़ बाहरी नहीं। एक अंतस यात्रा से होकर गुजरना होगा इस प्रश्न से उत्तर तक …
कुछ अनकही दास्ताँ पठन पाठन के गलियारे से । Story of A great Pedagogue : Prof. Avijit Pathak Read More
तुम गुरु भी हो, तुम सखी भी,ज्ञान की ज्योति, प्रीत की रीति भी।तुम हो ध्यान, तुम हो धारा,तुम हो जीवन की, मधुर रागिनी। तुमने पढ़ाया सिर्फ पन्ने नहीं,जीवन के अनुभव, …
तुम गुरु सखी हो Read More
संवाद : भाग एक (संवाद श्रृंखला में चित्रलेखा आज एक माँ-बेटी के बीच की बातचीत ले कर आये हैं। ऐसे संवाद का हम स्वागत करते हैं, जिनमें सामाजिक मूल्यों और …
माँ के सवाल, बेटी के जवाब Read More
निजी विद्यालय में फ़ीस को लेकर जितनी मारा-मारी है, उतने ही कठोर नियम हैं फ़ीस नियमित जमा करने के भी। ये विद्यालय अच्छी तरह जानते हैं कि फ़ीस कैसे वसूल …
शिक्षा, व्यवसाय और मानवीयता Read More
भाग – II मैं उसे नहीं जानतीफिर भी ऐसा हैकि मैं उसे ही जानतीकिसी और को नहीं जानती एक नन्हीं बच्ची या बच्चा जब जन्म लेता है तो उसके लिए …
माँ Read More
भाग – 1 माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें संसार की सारी शक्तियाँ समाहित हैं। आम तौर पर ऐसा कहा जाता है। अगर कहा जाता है तो ज़रूर इसके अपने …
माँ Read More
जीवन-मरण, ज्ञात-अज्ञात की प्रार्थना का कवि ‘तुम सुबह की पहली किरण/मैं नम दूब पर ओस का कण/मिलन पर सुनश्चित है/मेरा तिरोहित हो जाना/ फिर भी मिलन की इतनी आस क्यों …
शीतल जल कब इस ज्वाला को बुझायेगा… Read More